भाभी की गांड की जबरदस्त चुदाई

हेलो दोस्तों, मेरा नाम रोहन है और मैं सेक्स कहानी का बड़ा ही जबरदस्त फैन हु. मैं अपनी भाभी को बहुत जबरदस्त तरीके से चोदा करता हु. पहले मैं अपनी भाभी के बारे में बता दू. वो ३२ साल की है और उनकी फिगर बहुत कमाल की है. वो बहुत ही गोरी चिट्टी है. अब मैं सीधे अपनी स्टोरी पर आता हु. ये अभी पिछले महीने की बात है. मेरे रिश्ते की बात चल रही थी, जो कि मेरी भाभी के कानो तक पता नहीं कैसे चली गयी. उसका मुझे फ़ोन आया, कि तुम कहाँ पर हो? मैंने कहा – शॉप पर हु. तो उसने कहा – जरा घर पर आओ. मैंने कहा – क्या हुआ? तो वो कहने लगी, तुम जल्दी आओ.. कुछ काम है. मैंने पूछा – भाई कहाँ है? तो वो कहने लगी, कि वो अभी सो रहे है. आज कल वो नाईट ड्यूटी पर है. मैंने कहा – ठीक है. फिर उन्हें ८:३० बजे को आने को कहा. उनका फिर से फ़ोन आ गया, कि कहाँ हो? मैंने कहा – मैं शॉप बंद कर रहा हु.

उन्होंने कहा – जल्दी आओ. तुम्हारे भाई चले गए है. मैंने जल्दी से शॉप बंद की और भाई के घर की तरफ चल दिया. मैं खुश था, कि आज भाभी ने खुद बुलाया है और दबा कर चुद्वायेगी. फिर जैसे ही मैं उनके गली में पंहुचा, तो मैंने उसे कॉल कर दिया और उसने फ़ोन उठाया और कहने लगी. सीधे किचन में आना और सारी लाइट मैंने ऑफ कर दी है. जिस से किसी को कुछ भी ना पता चले और बच्चे भी नहीं उठंगे. फिर उसने कहा – जब तुम अन्दर आ जाओ. तो दरवाजा बंद करके आना. मैंने कहा – ठीक है. फिर मैं जीने में चड़ा और चड़ते हुए जीने को अन्दर से बंद कर दिया. और ऊपर चढ़ गया. जैसे ही मैं किचन में घुसा, तो भाभी ने मुझे अपनी बाहों में भर लिया और रोने लगी. मेरा लंड इतने में खड़ा हो चूका था. मैंने उसे उठाया और उसके होठो पर किस करते हुए कहा – मेरी जान टेशन क्यों ले रही हो? होने दो मेरी शादी… मेरी शादी के बाद, क्या तुम मुझे भूल जाओगी या मैं तुम्हे भूल जाऊँगा?

ऐसा मेरी तरफ से तो कभी नहीं होगा, कि मैं तुम्हे भूल जाऊँगा. मुझ पर विश्वास तो करो. तो इस पर वो कहने लगी, खाओ मेरी कसम. मैंने कहा – तुम्हारी कसम. फिर मैंने उसे कहा – अब मैं आ गया हु. तो कम से कम एक बार आओ, प्यार तो कर ले. तो वो हँसते हुए मना करने लगी. पर समझ गया था, कि लाइन क्लियर थी. क्योंकि वो हँसते हुए बोल रही थी. फिर मैंने भी हँसते हुए ही कहा – अच्छा ठीक है. जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. अब मैं चलता हु. यहाँ पर रुक कर क्या फायदा. उन्होंने एकदम से मेरा हाथ पकड़ लिया और बोली – जानू, नाराज़ होकर जा रहे हो. और मुझे अपनी तरफ खीच लिया. उन्होंने अपने होठो को मेरे होठो से चिपका दिया और अब हम दोनों के लिप लॉक हो गए और हम दोनों जोरदार तरीके से हब्शियो की तरह किस करने लगे. फिर मैंने उनको सीधा खड़ा किया और बिलकुल भी देर ना करते हुए, उसके पेटीकोट का नाडा खोल दिया और पेटीकोट भी एकदम उसके बदन को छोड़ते हुए नीचे गिर गया.

अब वो मेरे सामने काले रंग की पेंटी में थी. जिसमे से उसकी चूत से निकले हुए पानी की खुशबु आ रही थी. मैंने दबा कर खूब देर तक उसकी गोरी भरी – भरी जांघो को खूब चाटा और अब वो भी सिस्कारिया लेने लगी थी अहहाह अहहहा हाहाहा उऔऔऔऔ ऊउईई करके… फिर मैंने उसकी पेंटी भी उतार दी.. जैसे ही मैंने उसकी पेंटी उतारी.. मैं तो बड़ा हु खुश हो गया. क्योंकि उसकी चूत पर के भी बाल नहीं था. मैं अब पागलो की तरह से उसकी चूत को चाटे जा रहा था. उसने चूत ने भी अब पानी छोड़ना चालू कर दिया था. क्योंकि उसकी चूत से गाड़ा – गाड़ा पानी निकल कर बाहर आ रहा था. और उसकी सिस्कारिया तो सुनने लायक थी. फिर मैं खड़ा हुआ और पीछे हाथ डाल कर उसकी ब्रा भी खोल दी. फिर मैंने उसको किचन की मुडेर पर बैठाया और उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और एक जोर का झटका दिया. लंड एक ही बार में पूरा अन्दर चले गया और उसने मुझे अपने से चिपटा लिया.

और फिर मैंने उसे अपनी गोदी में उठाया और नीचे से अपने लंड को अपने हाथ से पकड़ कर उसकी चूत में टिकाया और दबा कर धक्के मारने लगा और वो हर धक्के के साथ मज़े लेकर चुदवा रही थी. धक्के मारते समय फट फट की आवाज़ आ रही थी. क्योंकि मेरा लंड उसकी चूत में अन्दर तक उसकी चूत की जड़ तक जाकर टकरा रहा था. करीब आधे घंटे तक की जबरदस्त चुदाई के बाद, मेरा निकलने को हुआ, तो मैंने कहा – मेरा निकलने वाला है. तो उसने कहा – बोलो मत. बस ठोकते रहो. और थोड़ी देर बाद, मैंने चिल्लाते हुए उसकी चूत में अपना रस डाल दिया. फिर मैं उसके ऊपर निढाल होकर गिर गया और उसके ऊपर ही लेट गया. उसके बाद फिर उसने मेरे लंड को फिर से चूम कर, चूस कर और चाट कर खड़ा कर दिया और मैं भी तैयार हो गया और उसे उल्टा किया और उसकी मोटी और मदमस्त गांड के मुह पर अपने लंड को रखा और थोड़ा सा धक्का लगाया और लंड फिसल कर नीचे चला गया.

मैंने दोबारा थोड़ा सा थूक अपने लंड पर लगाया और एक जोरदार धक्का मारा और इस बार मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी गांड के अन्दर चले गया. मेरे लंड के अन्दर घुसते ही, भाभी के मुह से एक जोरदार चीख निकल पड़ी आआआआआ आआआआआ ऊऊऊओह्हह्हह्हह्हह जलन हो रही है आआआआआ अहहहः अहाहः अहहहः…. उसके कुछ बोलने से पहले ही, मैंने उसके होठो को अपने हाथो से बंद कर दिया और पीछे से उसकी गांड मारता रहा. पच पच की आवाज़े आ रही थी. क्योंकि हम दोनों बड़ी ही जोश के साथ किस कर रहे थे. फिर जब उसे थोड़ा आराम मिला, तो मैंने कहा – अब धक्के मारू? उसने कहा – हाँ. अब शुरू करो. मैंने धीरे – धीरे धक्के लगाने शुरू किये. अब उसकी गांड का दर्द भी लगभग ख़तम सा हो गया था. क्योंकि वो अब अपनी गांड को नीचे से हिलाने लगी थी. मैं समझ गया था, कि अब भाभी तैयार है और मैंने अपने धक्को की स्पीड बड़ा दी. अब पूरा का पूरा लंड भाभी की गांड के अन्दर जा रहा था. मैं आपको बता नहीं सकता, कितना मज़ा आ रहा था.

फिर मैं नीचे लेट गया था और उसे अपने ऊपर आने को कहा. मेरा खड़ा काला लंड देख कर वो एकदम मादक मुस्कान देने लगी थी. फिर वो नीचे बैठने को हो रही थी, तो मैंने उसकी नंगी गांड पर हाथ लगाते हुए उसे बोला – ऐसे ही रहो.. और उसकी गांड के छेद को खोल कर मैं उसे चाटने लगा. वो सिस्कारिया लेने लगी थी अहहाह अहहाह औऔऔऔ अहहाह ईइऐऐऐऐऐऐअ… ममाम्मम मममम हम्मम्मम्म उम्म्मम्म. फिर थोड़ी देर बाद, मैंने उसे इशाराकिया और उसने मेरा लंड अपनी गांड के नीचे छेद पर टिका दिया और एकदम से बैठ गयी. और एक ही बार में पूरा का पूरा का लंड उसकी गांड में घुसा दिया. मैं जोर – जोर से धक्के लगा रहा था. फिर फट फट की जबरदस्त आवाज़े आ रही थी. करीब आधे घंटा जबरदस्त तरीके से उसकी गांड ठोकने के बाद, मेरा निकलने वाला था और मैंने जोर से पकड़ लिया और मेरा सारा का सारा माल उसकी गांड में निकल गया. मेरा माल उसकी गांड में से रिस कर बाहर आने लगा.

फिर हम दोनों अलग हुए और मैं अपने घर आ गया और उसने गेट लॉक कर लिया. ये सब और भी जोर शोरो से चल रहा है. इसके बाद क्या हुआ.. वो बाद में बताऊंगा.. पहले आप मुझे अपने कमेंट से बताओ, कि आपको मेरी ये कहानी कितनी पसंद आई.